कोरोना वायरस के इस समय मे पूरी दुनिया संकट के मुहाने पर खड़ी है। कोई देश अछूता नही है। ना अमेरिका जैसा विकसित देश तो न ही इटली जैसा स्वास्थ्य सुविधाओं में अव्वल देश। भारत मे भी हर दिन संक्रमित व्यक्तियों की संख्या बढ़ रही है जो हम सब के लिए खतरे का संकेत है। इस समय मे आम लोगों की और सरकार दोनों की ज़िम्मेदारियाँ बढ़ जाती है। नासमझ और भक्त जनता ने "जनता कर्फ्यू" की सफलता को ताली-थाली, शंख कर के पूरे दिन का गुड़ गोबर पहले ही कर दिया है। लेकिन जनता की इस बेवकूफी के बाद सरकारों की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गयी है। अब उन्हें भाषण और केवल कर्फ्यू से काम चलाने के बजाय कुछ नीतिगत निर्णय लेने की जरूरत है।
1. जिन डॉक्टरों और इस कठिन समय में जो भी लोग सहयोग करने के लिए ताली-थाली से शुक्रिया किया गया वो खुद सुरक्षित नही है। हमारी सुरक्षा बिना जरूरी सुरक्षा सामान के वो कैसे कर पाएंगे? तो इनके लिए पर्याप्त सामान की व्यवस्थाएं सरकार को तत्काल प्रभाव से करनी चाहिए तभी आगे के संकट से लड़ा जा सकता है।
2. सरकार को तत्काल सभी प्राइवेट अस्पतालों को कोरोना के टेस्ट के लिए फ्री करवाने के निर्देश देने चाहिए। वरना इन अस्पतालों के क्या योगदान है इस देश के लोगों के लिए अपना मुनाफा कमाने के अलावा? 4,500₹ कोरोना के टेस्ट के लिए देना हर किसी के बस की बात नही है आज भी हमारे देश मे। और अगर कोई पैसों की कमी के कारण ये टेस्ट नही करवा पाया तो इसका नुकसान केवल मरीज नही अपितु पूरा देश चुकाएगा। इस लिए टेस्ट के नए केंद्र जल्द से जल्द बनाये जाय हर राज्य, हर जिले, हर तहसील में। इस संकट को स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का अवसर भी बनाया जा सकता है।
3. बिना आर्थिक पैकेज जारी किए भी इस संकट से नही उभर सकते। सरकार के पास नही है तो इस देश के व्यापारिक घरानों से बाहर निकाला जाए। बेहतर होता वो खुद देते लेकिन बेशर्म व्यापारिक घरानों को केवल अपना मुनाफा ही दिखता है। इस संकट में भी उन्हें अपना कुछ मुनाफा ही दिख रहा होगा। इस संकट की घड़ी में दुनिया भर के बड़े बड़े अमीरों ने सरकारों को मदद दी है बिल गेट्स और अलीबाबा कम्पनी के जैक मा ने बड़ी मदद दुनिया के सामने आए इस संकट से लड़ने के लिए दिया है। तब हमारे संसाधनों पर कुंडली मार कर बैठे और हर साल लाखों करोड़ का टेक्स छूट लेने वाले अम्बानी, अडानी, जिंदल, मित्तल इस समय कहाँ है? क्या ये केवल हमारा पैसा ले कर भागने के लिए ही यहाँ के नागरिक है?
4. गरीब लोगों का इस संकट में बहुत ख्याल रखने की जरूरत है। वरना ये संकट इटली की तरह इन्ही गरीब और बेरोजगार लोगों के कारण फैलेगा। इनको आर्थिक मदद करनी पड़ेगी ताकि रोजी रोटी कमाने के लिए ये लोग घरों से बाहर न निकले। उत्तरप्रदेश, केरल, बंगाल, राजस्थान की राज्य सरकारों ने कुछ काम किया है इस दिशा में लेकिन अब सभी राज्यों और केंद्र सरकार को आगे आना होगा। वरना संकट बढ़ सकता है।
ये संकट केवल भाषण से खत्म नही होगा। काम करने की जरूरत है और वो भी बिना देरी के। काम करेंगे तो लोगों को दिखेगा। और लोग बिना आपके आह्वान किये भी शुक्रिया करेंगे। जैसा दुनिया के देशों में लोग कर रहे है। चीन आज इस संकट से उभर पाया है तो केवल इस लिए कि उसने जल्दी जरूरी राजनीति, आर्थिक कदम उठाए। ताली-थाली, शंख, और गोमूत्र-गोबर से तो नही होना ठीक ये तो दिमाग मे कम से कम रख ही लीजिए। अस्पताल ही ठीक करेंगे सब को। और अस्पतालों को ठीक करने की जिम्मेदारी सरकार की है। बस!
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